⚓ विश्वास और भरोसा Ayat #30 dari 100

याकूब 1:2-4

"हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जानकर कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम सिद्ध और पूरे हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।"
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