🕊️ आशा और सांत्वना Ayat #55 dari 100

विलापगीत 3:22-23

"यह यहोवा की ही महाकृपा है कि हम मिट नहीं गए, क्योंकि उसकी दया अटूट है। वे प्रति भोर नई होती रहती हैं; तेरी सच्चाई महान है!"
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