🕊️ आशा और सांत्वना Ayat #94 dari 100

भजन संहिता 40:1-2

"मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गढ़े और दलदल की कीच में से निकाला, और मेरे पैरों को चट्टान पर रखकर मेरे पैरों को दृढ़ किया।"
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