🕊️ आशा और सांत्वना Ayat #89 dari 100

भजन संहिता 30:5

"क्योंकि उसका क्रोध तो क्षण भर ही का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर बनी रहती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु भोर को जयजयकार का शब्द सुनाई देता है।"
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